ग्रहो के रुद्राक्ष और चमत्कार

वैदिक ज्योतिष के संदर्भ में रुद्राक्ष की काफी उपयोगिता है ग्रहों के दुष्प्रभाव को नष्ट करने में रुद्राक्ष का विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है जो अपने आप में एक अचूक उपाय है

रुद्राक्ष की शक्ति का प्रभाव उसके धारीदार मुखो पर निर्भर होती है रुद्राक्ष सिद्धि दायक, पाप नाशक पुण्यवर्धक, रोग नाशक तथा मोक्ष प्रदान करने वाला है होता है।

एक मुखी से लेकर 14 मुखी तक रुद्राक्ष विशेष रूप से पाए जाते हैं।

पुराणों में प्रत्येक रुद्राक्ष का अलग-अलग महत्व और उपयोगिता का उल्लेख किया गया है। ग्रहो के अनुसार कौन से रुद्राक्ष का धारण करना चाहिये आपको बताते है।

  1. एक मुखी रुद्राक्ष – “एक मुखी रुद्राक्ष सूर्य ग्रह का प्रतीक है।”

उत्तम स्वास्थय, सफलता, मान सम्मान, आत्मविश्वास, आध्यात्मिक प्रसन्नता,  धन प्राप्ति, रोग मुक्ति, तथा व्यक्तित्व में निखार और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिये धारण करना चाहिये।

  1. 2 मुखी रुद्राक्ष – 2 मुखी रुद्राक्ष चंद्र ग्रह का प्रतीक है।

सुख शांति, सौभाग्य वृद्धि, एकाग्रता, आध्यात्मिक उन्नति, पारिवारिक सुख , व्यापार में सफलता और स्त्रियों के लिए इसे सबसे उपयुक्त माना गया है। इन सभी क्षेत्रों में लाभ  के लिए दो मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।

  1. तीन मुखी रुद्राक्ष – मंगल ग्रह का प्रतीक है , रक्त संबंधी विकार को दूर करने में सहायक होता है। पराक्रम को बढ़ाता है।
  2. चार मुखी रुद्राक्ष- ये बुध ग्रह का प्रतीक है – शिक्षा, ज्ञान, बुद्धि विवेक, कामशक्ति में वृद्धि प्राप्त कराता  है।
  3. पांच मुखी रुद्राक्ष – गुरु ग्रह का प्रतीक है – शारीरिक आरोग्यता, अध्यात्म, उन्नति, मानसिक शांति और प्रसन्नता के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
  4. 6 मुखी रुद्राक्ष – शुक्र ग्रह का प्रतीक है। प्रेम संबंध, आकर्षण, स्मरण शक्ति में वृद्धि, तीव्र बुद्धि, कार्यों में पूर्णता और व्यापार में आश्चर्यजनक सफलता प्राप्त कराता है।
  5. सात मुखी रुद्राक्ष – शनि ग्रह का प्रतीक है, शनि दोष निवारण, धन संपत्ति, विजय प्राप्ति, और कार्य व्यापार आदि में वृद्धि करने वाला है।
  6. 8 मुखी रुद्राक्ष- राहु ग्रह का प्रतीक है – राहु ग्रह से संबंधित दोषो की शांति, ज्ञान प्राप्ति, चित्त में एकाग्रता, मुकदमे में विजय, दुर्घटनाओं तथा प्रबल शत्रुओं से रक्षा, व्यापार में सफलता और उन्नति कारक है।
  7. नौ मुखी रुद्राक्ष – केतु ग्रह का प्रतीक है – केतु ग्रह से संबंधित दोषो की शांति , सुख शांति व्यापार वृद्धि, अकाल मृत्यु से बचाता है। तथा आकस्मिक दुर्घटना से बचाव रहता है
  8. 10 मुखी रुद्राक्ष – भगवान् महावीर का प्रतीक है – कार्य क्षेत्र में प्रगति, स्थिरता, वृद्धि सम्मान, कीर्ति, धन प्राप्ति, लौकिक, पारालोकीक कामनाएं पूर्ण होती है।
  9. 11 मुखी रुद्राक्ष – इंद्र का प्रतीक है। आर्थिक लाभ व समृद्धि शाली जीवन, किसी विषय का अभाव नहीं रहता तथा सभी संकट और कष्ट दूर हो जाते हैं।
  10. 12 मुखी रुद्राक्ष – भगवान विष्णु का प्रतीक – विदेश यात्रा, नेतृत्व शक्ति, शक्तिशाली तेजस्वी बनाता है ब्रह्मचर्य का तेज और ओज बना रहता है। शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा मिट जाती है
  11. 13 मुखी रुद्राक्ष – इंद्र ग्रह का प्रतीक – सर्वजन आकर्षण व मनोकामना पूर्ति, यश कीर्ति मान प्रतिष्ठा व कामदेव का प्रतीक है। ऊपरी बाधा व नजर दोष में विशेष उपयोगी है
  12. 14 मुखी रुद्राक्ष –शनि ग्रह का प्रतीक है -आध्यात्मिक उन्नति, शक्ति, धन प्राप्ति व कष्ट निवारक है शनि की साडेसाती और शनि ढैय्या में विशेष कष्ट निवारक का काम करता है।

साधारणतया 5 मुखी रुद्राक्ष सभी जगह मिलता है अगर आप अन्य रुद्राक्ष नहीं ले सकते तो 5 मुखी भी धारण कर सकते है जो की गुरु ग्रह का प्रतीक है और गुरु बृहस्पति को ज्योतिष शास्त्र में सुख का ग्रह माना गया है अतः सुख शान्ति के लिये 5 मुखी रुद्राक्ष धारण कर सकते है।

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Astro Umesh

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